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first key of success in life

the key of success is your believe in your self.if you think you can you can every thing.it doesn't matter how other think about you ......there thinking may change when your life standard change. when your standard change then your attitude change..that is the matter how people change in your life ..they change to becoming believe on you.

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शुतुरमुर्ग की खुशी जैसी तो नहीं है आपकी खुशी ??

कुछ दिन पहले मैंने एक आर्टिकल पढ़ा कि खुशी कि असली एहसास क्या है उस बारे में । उसके पढ़ते पढ़ते मुझे ये कहानी याद आई कि खुशियां असल में होती कहा है और हम ढूंढते कहा है । चलिए शुतुरमुर्ग के बारे में एक बात बताता हूं , असल में होता ऐसा है कि कहते है जब शुतुरमुर्ग के पीछे कोई शिकारी पड़ जाता है तो वो भागने के बजाय  अपना सिर रेत में घुसा देता है  और उसको लगता है कि सब तरफ अंधेरा छा गया अब वो सुरुक्षित है । *हैं ना ये बेवकूफी वाली बात*  पर पता है कहीं ना कहीं हम लोग भी ऐसे ही है । हम अपनी खुशियां उन चीज़ों में खोजते रहते है जो हमारे आसपास सब अच्छा दिखाता है जबकि असल में ऐसा नहीं होता  है । मैंने देखा कि एक लड़का आज पार्टी करता है जबकि पता है कि उसका कल पेपर है, पूछने पर भाई का जन्मदिन बार बार नहीं आता  ,यही है शुतुरमुर्ग वाली खुशी पेपर बिगड़ने के बाद एहसास होता है असली खुशी कहा है , क्यूंकि कई बार जिसका बर्थडे था वो पास हो जाए , यकीन मानिए बीएससी 2nd ईयर में ऐसा देखा है मैंने । किसी ने उस टाइम कहा मुझे अरे यार कस्ती को तूफानों में निकलने का अलग ही ...

Risk

Risk एक बार किसी ने एक किसान से पूछा - क्या तुमने इस मौसम में धान की फसल बोई है ?? किसान ने कहा - नहीं मुझे बारिश नहीं होने का अंदेशा था ! तो क्या मक्के बोए उस आदमी ने पूछा ? उसने कहा मुझे डर था कि कीड़े  मकोड़े खा लेंगे !! आदमी ने पूछा - आखिर तुमने बोया क्या है ?? किसान ने कहा : कुछ नहीं *मै खतरे नहीं उठाना चाहता था !!* 😢 कई लोगो में  फैसला ना लें पाने की आदत बन जाती हैं  और कई बार फैसला ना लेने के कारण कई अवसरों से हाथ धो बैठते हैं । *हमको ना...* 🌿हंसने में बेवकूफ समझे जाने  डर है, 🌿रोने में जज्बाती समझे जाने का डर है, 🌿सीखने में सफल ना होने का डर, 🌿प्रेम करने में बदले में प्रेम  मिलने का डर, डर तो बहुत सारे है पर आपको तो रिस्क उठाने ही पड़ेंगे, *रिस्क लेने और बेवकूफी में फर्क है*😁 खतरे उठाने का मतलब बेवकूफी और गैरजिम्मेदारी बरतना नहीं होता है। एक उदाहरण देता हूं मेरी एक दोस्त की शादी थी रात को पार्टी वगैरह  होते 11:45 के आसपास हो गया था । जब घर जाने के लिए हुए तो बाकी सब तो दुर्ग वाले थे लेकिन एक दोस्त जो भिलाई की थी वो ज़िद करने ल...

करना है तो करना है

मै हमेशा  कहता रहता हूं कि किन आदतों को अपनाकर सफल हो सकते है , किस आदत को छोड़कर हम बेहतर हो सकते है, ये  सफल होने वाला व्यक्ति अच्छे से जानता है । परन्तु सच्चाई ये है कि 100 में से 90 ऐसे लोग जो जानते है कैसे सफल हो सकते है अपने किसी कार्य में सफल नहीं होते है । तो असल बात ये है कि जानने से कुछ नहीं होता कि सफलता कैसे मिलती है, क्यूं मिलती है । जो लोग काम करते है रिजल्ट देते है वो ही सफल माना जाता है,,  तो मुद्दा अब ये आता है सबके साथ  कि मै सोचता तो  हूं कि ये करूं पर शुरू नहीं हो पाता है , यह एक सामान्य सी बात है जो हम सबके साथ होता है कि हम करना तो बहुत कुछ चाहते है पर असल में कर नहीं पाते हैं और कुछ लोग चाहते है वो आपके देखते ही देखते पा लेते है । जैसे मुझे एक किताब पढ़ना है डिसाइड करते है, कि इसे इतने दिनों में पूरा कर लूंगा पर कुछ काम आ जाता या थोड़ा आराम करलू, या थोड़ा टीवी देख लूं या उस किताब को छोड़ के कोई और किताब पढ़ने  लग जाते है  ।  ज़िन्दगी में सफलता ऐसे हासिल नहीं कि जाती है , तो आखिर क्या बात है जो हर सफल व्यक्ति में होता है जो उ...