एक बार की बात है, एक तोता धूप में बैठा होता है.., तभी वहां से यमराज जी गुजरते है , गुजरते हुए वो तोता को देख कर मुस्कुरा देते है । यमराज जी को मुस्कुराते हुए देख कर तोता सोच में पढ़ जाता है, कि आखिर यमराज जी क्यूं मुस्कुराए.. यही सोच में पड़ा रहता है वो, तभी उसका दोस्त बाज आता है , उससे पूछता है कि क्यूं परेशान हो कहके ?? वो तोता सारी बात बताता है, तो वो बाज उसे अपने पीठ में बिठा कर कई सौ मिल दूर एक सुंदर से टापू मे छोड़ कर आ जाता है । और खुद उस जगह मे बैठ जाता है । वापस आते हुए यमराज जी वहां से गुजरते हुए उसे देख कर फिर मुस्करा देते है । तो बाज उससे रिक्वेस्ट कर के पूछता है , आप तोते को भी देख के मुस्कुराए थे । आप मुझे बताएं कि ऐसा क्यों ?? तो यमराज जी बोले सुबह जाते समय तोते को यहां धूप तापते देखा तो इसलिए मुस्कुराया था क्यूंकि इसकी मृत्यु तो कई मिल दूर एक टापू मे होने वाली है और ये यहां धूप सेंक रहा है,,, * जीवन ऐसा ही है कोई नहीं जानता कल किस पल में क्या लिखा है..* कई बार कई महत्वपूर्ण पद मे बैठे लोग कई बातो का जवाब नहीं देते या रेस्पॉ...