एक पुरानी घटना है शायद मध्य प्रदेश का है, वहां एक शराबी के दो बेटे थे , वो शराबी अपने बेटे और पत्नि को बहुत मारता था, घर में लड़ाई आम बात थी,, और ज्यादा कुछ काम धाम नहीं करता था ।
कई साल बीत गए और उनके दोनों बेटों में से एक बेटा कलेक्टर बन गया और दूसरा बेटा अपने पिता की तरह शराबी हो गया ।
तब किसी समाचार वाले को पता चला तो उनके यहां इंटरव्यू लेने पहुंचा । और उसने पूछा दोनों से कि आप लोगो ऐसे कैसे और क्यों बने .. *एक शराबी तो एक कलेक्टर*
तो शराबी बेटे ने कहा की मेरे पिताजी बहुत शराब पीते थे और घर में मारपीट करते थे मुझे बहुत गुस्सा आता था, और मै भी अपने गम मिटाने के लिए शराब पीने लग गया क्यूंकि मेरे दोस्त आसपास के लोग यही करते है.., दुःख तो मिटा नहीं बल्कि मै भी शराबी और गरीब बन गया..और रोने लगा ।
दूसरे बेटे से पूछने पर उसने भी वही कहा, कि मुझे भी बहुत गुस्सा आता था कि मेरे पिता शराबी है और मारपीट करते है , आसपास के कई लोग ऐसा ही कर रहे थे, ये देखकर मैंने ठान लिया था कि मुझे अपने आप को और परिवार को इससे बाहर निकालना है ।
मैंने बहुत मेहनत किया, और छोटे मोटे काम करके पढ़ाई करता रहा, कई बार स्कूल छूटा पर फिर भर्ती हो कर पढ़ता रहा ।
*मुझे लगता है कि भगवान ने जो परिस्थिति दी है हमको उसी में बेहतर करना है, क्योंकि दुनिया बदलने वाले लोग जो स्थिति है उसी में काम करके अपने आप को बड़ा करते है। गुस्सा और दोष देने से कुछ नहीं होता । मै गरीब और शराबी के यहां पैदा हुआ ये मेरी गलती नहीं है पर मै अगर गरीब , शराबी और बिना अपनी पहचान बनाए मर जाता हूं तो ये जरूर मेरी गलती होगी ।*
इसीलिए मैंने तैयारी किया और आज कलेक्टर बन गया ।
ये सुनकर पत्रकार के आंखो में आंसु आ गए,,और वो एक सीख लेकर वापस चला गया ।
इससे सीख मिलती है कि
: *दुनिया में तरक्की करने वाले लोग किसी को दोष नहीं देते बल्कि बहुत मेहनत करते है ,किसी की देखादेखी नहीं करते, जो सही है वो करते है और अपनी दुनिया अपने दम पर खुद बदलते है ।*
जय हिंद..,
🙂
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