एक पुरानी घटना है शायद मध्य प्रदेश का है, वहां एक शराबी के दो बेटे थे , वो शराबी अपने बेटे और पत्नि को बहुत मारता था, घर में लड़ाई आम बात थी,, और ज्यादा कुछ काम धाम नहीं करता था । कई साल बीत गए और उनके दोनों बेटों में से एक बेटा कलेक्टर बन गया और दूसरा बेटा अपने पिता की तरह शराबी हो गया । तब किसी समाचार वाले को पता चला तो उनके यहां इंटरव्यू लेने पहुंचा । और उसने पूछा दोनों से कि आप लोगो ऐसे कैसे और क्यों बने .. * एक शराबी तो एक कलेक्टर* तो शराबी बेटे ने कहा की मेरे पिताजी बहुत शराब पीते थे और घर में मारपीट करते थे मुझे बहुत गुस्सा आता था, और मै भी अपने गम मिटाने के लिए शराब पीने लग गया क्यूंकि मेरे दोस्त आसपास के लोग यही करते है.., दुःख तो मिटा नहीं बल्कि मै भी शराबी और गरीब बन गया..और रोने लगा । दूसरे बेटे से पूछने पर उसने भी वही कहा, कि मुझे भी बहुत गुस्सा आता था कि मेरे पिता शराबी है और मारपीट करते है , आसपास के कई लोग ऐसा ही कर रहे थे, ये देखकर मैंने ठान लिया था कि मुझे अपने आप को और परिवार को इससे बाहर निकालना है । मैंने बहुत मेहनत कि...