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नज़रिया

नजरिया

बहुत दिनों बाद उस शहर जाना हुआ था मेरा कुछ खास चिंता नहीं था , बस एग्जाम था कोई ।
जैसे ही पहुंचा सब दोस्त रूम में मिल गए , सभी अगले दिन के एग्जाम के लिए चिंतित पर सीरियस कोई लग नहीं रहा था ।
वो एक दोस्त मुस्कुराया और मिलकर बाते भी किया हंसकर, पर बहुत सीरियस था अंदर से, बार बार बोल रहा था ये एग्जाम निकाल लिया तो लाइफ सेट |
हंसी मजाक करते सब सो गए ।

सुबह अचानक 5 बजे देखा कोई मोबाइल के लाइट में पढ़ रहा है ।
जल्दी जल्दी रिवीजन कर रहा था । किसी दोस्त ने कहा अरे 5 पोस्ट है 3000 के आसपास लोग है , अब क्या कर लेगा ।
उसने कहा "वो सब ठीक है यार पर मैं तो अपना 100% देना चाहता हूं "
मै: नींद पूरी कर ले ।

वो कहा: अरे यार ये आज का 3 घंटा मेरा लाइफ बदल सकता है , जितना सोना था हो गया अब तो नींद नहीं आ रहा है ।

और बाकी सब भी उठ गए और  तैयार होने लगे ।

खैर एग्जाम हो गया , शाम को मै घर के लिए निकल गया , 4 घंटे का सफर था और पूरे सफर में वही बात मेरे मन में घूमता और उसके नजरिए के साथ मेरा खुद को बदलने का संकल्प । मै भी ऐसा करूंगा । रात को पहुंचा थका सो गया , सुबह वहीं  फिर रोज का काम ।

दिन बीत गए, मै तो संकल्प भूल ही गया था , अचानक उस दोस्त का एक दिन फोन आया और खुशी से
"भाई मेरा हो गया , नंबर कम है पर बाकी का उससे भी कम है" ।

उस दिन सीखा कि..
*पढ़ाई तो सब करते हैं पर हमारा नजरिया ही हमारी सफलता तय करती हैं*

और मेरा संकल्प जोर जोर से मुझपर ही हंस रहा था ।👻

......🐢

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