पहली बार मैं जब मिला उससे तो कुछ बात ही नहीं हो पाई । जैसे
किसी पहाड़ी गावं में धुंध फैले रहते हैं कुछ उसी तरह अनमने से असमझे से क्या बात करे सोचते रहे । उत्साहित भी था और संकोचित भी । बिल्कुल उस नई नवेली दुल्हन सा जो अपने प्रियतम के लिए खाना भी बनाना चाहती है और भीगी लकड़ी के कारण वो जल भी नहीं रहा है ।
किसी पहाड़ी गावं में धुंध फैले रहते हैं कुछ उसी तरह अनमने से असमझे से क्या बात करे सोचते रहे । उत्साहित भी था और संकोचित भी । बिल्कुल उस नई नवेली दुल्हन सा जो अपने प्रियतम के लिए खाना भी बनाना चाहती है और भीगी लकड़ी के कारण वो जल भी नहीं रहा है ।
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