ज्यादातर लोगों के लिए मौत से भी डरावनी चीज होती है भीड़ के सामने बोलने का डर । मनोवैज्ञानिक कहते है की ज्यादातर मंच पर बोलने से इसलिए डरते हैं की उनकी बुराई होगी, लोग बाग उनकी हंसी उड़ाएंगे , वे अकेले हो जाएंगे ।
यहां पर इस अवस्था में *जापानी लोग दर्पण कि ताकत* को सबसे ज्यादा महत्व देते हैं । जापानी दंतकथा के अनुसार यह आत्मज्ञान का प्रतीक है । जब कोई दर्पण में खुद को देखता है तभी उसे सच्चाई पता चलता है , की ज्यादातर लोग खुद डरे हुए ही हैं ।ज्यादातर जो उस समय उपहास करने वाले लोग खुद मंच में आने से डरे हुए होते है ।
*जिंदगी में कई मौके एक बार ही मिलते हैं उसका फायदा उठाना ही अच्छा निवेश है । क्यूंकि हर किसी को ये मौका नहीं मिलता ।*
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