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कुछ पंक्तियां..

कुुछ बातेे हमेशा कहना चाहता है हर कोई की कोई ना कोई रहता ही है कुछ उम्मीद में हमारे लिए हम ही समझ नहीं पाते । ये पंक्तियां मेरे उन्हीं लम्हों में लिखते लिखते यूं ही लिखा गए थे । वो सारे सपने देखने वाली , जिसकी मुझे तलाश है, हां वो तुम थी ।

कीमत चुकानी ही हैं ..कुछ भी मुफ्त नहीं इस जीवन में !!

कभी - कभी किसी - किसी का निर्णय बहुत कुछ सीखा जाता है ,, ऐसा ही हुआ कि कुछ दिन पहले मेरे एक दोस्त जो कि 7 वर्ष से पीएससी की तैयारी कर रहा है उसका  कॉल आया मेरे पास कि वो इस बार पीएससी का मैंस नहीं दिलाएगा !! मै  उस समय बहुत अचंभित हुआ क्योंकि वह इतने सालो से तैयारी कर रहा था ये उसका तीसरा प्रयास था , कुछ रैंक से बच रहा था 🤔। उसका कहना था कि मै अब  व्याख्याता की तैयारी करूंगा , दोनों तरफ नहीं जा सकता मुझे फिलहाल जॉब चाहिए और ये सीधी भर्ती है , गजेटेड पोस्ट है, इसमें पोस्ट भी ज्यादा है इसे मै छोड़ नहीं सकता बाकी पीएससी तो निकाल ही लूंगा । मुझे भी उसका डिसिजन सही लगा क्योंकि बहुत कॉन्फिडेंट लग रहा था , उसका जुनून देखने ही लायक था । कुछ दिन पहले रिजल्ट आया व्याख्याता का और उसका रैंक अच्छा आया हमारे किसी और दोस्त का नहीं हुआ उसमें । वो 2013 से 2019 तक मेहनत तो कर रहा था  पर चूक सा था कुछ ..हो सकता है किस्मत का हाथ हो पर ....पर उसका जुनून बढ़ गया था यकीनन कीमत बहुत बड़ी चुकाई थी । 🌵 * याद रखिए आपको कुछ पाने के लिए उसकी कीमत चुकानी ही होगी**कु...

आशीर्वाद की शक्ति है तो जरूर !!

कुछ वर्ष पहले मै लंदन के फॉइल्स नामक जगह में मुझे एक पुस्तक मिला नाम था ' ब्रिंग आउट दि मैजिक इन योर माइंड' ।  यह करीब तीस साल पहले एक *अल कोरान* नाम के आदमी द्वारा लिखी गई थी जो उन दिनों दुनिया का सबसे अच्छा मानसिक जादूगर था । एक अध्याय जिसका नाम है " सीक्रेट ऑफर ट्रेजर"  वो लिखते है कि -  * जब आप अपना पैसा किसी चीज के लिए से देते हैं तो याद से उसे हमेशा मन में आशीर्वाद दीजिए । उससे कहिए की वह अपने हर  छूने वाले को धन्य करें । उस निर्देश कीजिए कि वह भुखो को खाना दे और कई गुना बढ़ कर आपके पास वापस आए ।* जब आप कुछ खरीदते है तो कामना कीजिए कि यह पैसा उनके जीवन को बेहतर बनाए । जैसा कि कहते है ना * " जो हाथ देता है वहीं हाथ बटोरता है ।"* Chapter 25, pg: 67 Book: Who will cry when you die ? By : Robin sharma *Hav a nice day.. 🐢

दर्पण की ताकत क्या जानते है आप ??

ज्यादातर लोगों के लिए मौत से भी डरावनी चीज होती है भीड़ के सामने बोलने का डर । मनोवैज्ञानिक कहते है की ज्यादातर मंच पर बोलने से इसलिए  डरते हैं की उनकी बुराई होगी,  लोग बाग उनकी हंसी उड़ाएंगे , वे अकेले हो जाएंगे । यहां पर इस अवस्था में *जापानी लोग दर्पण कि ताकत* को सबसे ज्यादा महत्व देते हैं । जापानी दंतकथा के अनुसार यह आत्मज्ञान का प्रतीक है ।  जब कोई दर्पण में खुद को देखता है तभी उसे सच्चाई पता चलता है , की ज्यादातर लोग खुद डरे हुए ही  हैं । ज्यादातर  जो उस समय उपहास करने वाले  लोग खुद  मंच में आने से डरे हुए होते है । * जिंदगी में कई मौके एक बार ही मिलते हैं उसका फायदा उठाना ही अच्छा निवेश है । क्यूंकि हर किसी को ये मौका नहीं मिलता ।*

जो अच्छा लगे वो करो .क्या ये सही है ??

एक मां दिनभर काम करने के बाद घर आती है , फिर घर के कामकाज निपटाती है , बच्चे की देखभाल करती है और थक हार  कर सो जाती है । आधी रात को बच्चा रोने लगता है । ऐसे में थक कर सोई मां को क्या उठना चाहेगी ? नहीं फिर भी वह उठती हैं । क्यों? तीन  वजह हो सकती हैं- - प्यार - फ़र्ज़ - जिम्मेदारी हम जिंदगी सिर्फ भावनाओ के सहारे नहीं गुजार सकते । हमे खुद पर नियंत्रण , अनुशासन की जरूरत हर उम्र में होती हैं । चाहे आप पढ़ रहे हो या शादीशुदा हो । जिंदगी में आज के समय में इतनी आपाधापी ,या खुद के लिए समय नहीं निकाल पाने की शिकायत इसीलिए है क्यूंकि हम अपनी इच्छाओं के सामने खुटना टेक देते हैं । ऐसा नहीं है कि मेरे साथ नहीं होता सबके साथ होता है ।  मै रोज 11 बजे सोने का सोचता हूं 12 एक  बज ही जाता हैं पर सुबह  समय में उठना ही होता है पर क्यूंकि ये जरूरी है । अनुशासन ही आजादी देता हैं , लोगो के मन में यह गलत धारणा है कि आजादी का मतलब मनमुताबिक काम करने से होता है । हमारी  इच्छाएं हमेशा पूरी नहीं हो सकती । जीवन में जितने लोगो को सफलता मिली है चाहे वो...

जिन्दा हो ना ये बताना बहुत जरूरी है !!

यदि आप या मै ये सोचते है की दो साल पहले बहुत जानता था, जो हुनर था, नॉलेज था अपने विषय के बारे में वो आज भी पर्याप्त है तो आप गलत सोच रहे है । याद रखिए न्यू जेनरेशन बहुत स्मार्ट है वो आपसे ज्यादा जानते है जबकि आपकी उम्र उनसे ज्यादा है । यकीन मानिए आप चाहे गृहणी हो, या जॉब में है या नॉर्मल लाइफ में तो भी अपने आपको कुछ ना कुछ सीखते हुए ही रखना है वरना आप पिछड़ जाएंगे ।  देश दुनिया के बारे में जाने, नए तकनीकियों को जाने । सोचिए  हमारे मम्मी पापा स्मार्ट फोन्स को यूज करना नहीं जानते तो भी चल जाता है पर नई तकनीक के बारे में नहीं जानना चाहेंगे तो हमे दिक्कत हो सकती है । अपने अंदर के विद्यार्थी को हमेशा जिन्दा रखने के लिए इसीलिए कहा जाता है । यदि आप अपग्रेड नहीं हुए तो पहले डाउनग्रेड होंगे फिर आउटडेटेड हो जाओगे । यकीन मानिए *जो सीख रहा है वहीं जिंदा है ।* By:लाइफ management  Dr. Ujjawal patni And my experience

शुतुरमुर्ग की खुशी जैसी तो नहीं है आपकी खुशी ??

कुछ दिन पहले मैंने एक आर्टिकल पढ़ा कि खुशी कि असली एहसास क्या है उस बारे में । उसके पढ़ते पढ़ते मुझे ये कहानी याद आई कि खुशियां असल में होती कहा है और हम ढूंढते कहा है । चलिए शुतुरमुर्ग के बारे में एक बात बताता हूं , असल में होता ऐसा है कि कहते है जब शुतुरमुर्ग के पीछे कोई शिकारी पड़ जाता है तो वो भागने के बजाय  अपना सिर रेत में घुसा देता है  और उसको लगता है कि सब तरफ अंधेरा छा गया अब वो सुरुक्षित है । *हैं ना ये बेवकूफी वाली बात*  पर पता है कहीं ना कहीं हम लोग भी ऐसे ही है । हम अपनी खुशियां उन चीज़ों में खोजते रहते है जो हमारे आसपास सब अच्छा दिखाता है जबकि असल में ऐसा नहीं होता  है । मैंने देखा कि एक लड़का आज पार्टी करता है जबकि पता है कि उसका कल पेपर है, पूछने पर भाई का जन्मदिन बार बार नहीं आता  ,यही है शुतुरमुर्ग वाली खुशी पेपर बिगड़ने के बाद एहसास होता है असली खुशी कहा है , क्यूंकि कई बार जिसका बर्थडे था वो पास हो जाए , यकीन मानिए बीएससी 2nd ईयर में ऐसा देखा है मैंने । किसी ने उस टाइम कहा मुझे अरे यार कस्ती को तूफानों में निकलने का अलग ही ...