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वो आखिरी मंजिल का कमरा.....

👘🧟‍♀ *वो आखिरी मंजिल  का कमरा*  ☠ दिनांक 11 मार्च ... मैं होली मना के घर से आया था , सोच रहा था अपना रूम बदल लूं,, बहुत दिनों से मै घर ढूंढ़ रहा था , चाह रहा था,, कि कोई अच्छा सा कमरा मिल जाए इस तरह का की बैचलर वाली लाइफ हो बस एक दो कमरा और किचन - बॉथरूम ,, एक सिंगल लड़के को और क्या चाहिए । इधर समाचार मै देख रहा था कि  देश का मौहाल भी बदल रहा  है ,, कॉरोना वायरस से संक्रमित लोग बढ़ रहे है,, लग रहा है कि कुछ दिनों में यहां भी लॉक डाउन कर देंगे । 12मार्च से लेकर 13मार्च तक ऑफिस में इतना काम आ गया कि फुरसत का टाइम हो नहीं मिला ,,  14 मार्च को छुट्टी मिला  तो मै घर ढूंढने निकल गया ,,  पूरा दिन ढूंढ़ लिया तो कोई बैचलर के नाम से नहीं दिया तो कोई शादी करके आओ बोलकर  नहीं दिया । 15 मार्च को मै फिर निकला शहर  में खूब ढूंढा पर फिर वही निराशा ,,  अब मै शहर के  कुछ बाहर कुछ पहाड़ी इलाका है हरा भरा उधर मेडिकल कॉलेज भी है उसी रोड में ऐसे ही टहलने निकल गया ,, शाम का वक्त था सूरज पहाड़ के पीछे छुप रहा था ।          क...

प्रकृति के साथ

*प्रकृति के साथ*..👣🐾 चलो एक बात पूछता हूं आज सबसे कि प्रकृति के साथ कौन चलता है  या चलने की कोशिश करते हैं? 🌿🌱🌳🎋🍃🌾🐚🐜🐛 ज्यादातर मान लेंगे कि कोशिश तो करते है पर हो नहीं पाता या हम करते है ।  मेरे कई दोस्त ऐसे भी है जो साल भर में मुश्किल से 30 दिन सुबह सूरज को उगते देखे होंगे ।सुबह के किरण को महसूस किए हो या सुबह के ओस को बिछे देखे हो ।  यकीन मानिए आप चाहे माने या नहीं हम  सबके लिए *आज के समय में ये सबसे जरूरी है ।*             यकीनन मै भी इस  जॉब में आने के बाद थोड़ी आलस से जिंदगी बिता रहा था, आराम से सोना आराम से 9 बजे तक उठना पर *जीवन में  कभी ना कभी आपको आइना दिख ही जाता है ।* मेरे साथ भी यही हुआ और जल्दी हो गया ।         कुछ दिन पहले की बात है मै जशपुर तरफ गया था एक आदमी का डोलामाइट खदान के पर्यावरण सम्मति के संबंध में जांच करने  , मै देख ही रहा था पर वो बहुत जल्द बाज़ी में था मै गुस्सा गया कि अरे यार  मै संतुष्ट होकर  ही आगे सोचूंगा तुम जल्दी जल्दी क्यों कर रहे हो !! वो तो कुछ न...

कुछ पंक्तियां..

कुुछ बातेे हमेशा कहना चाहता है हर कोई की कोई ना कोई रहता ही है कुछ उम्मीद में हमारे लिए हम ही समझ नहीं पाते । ये पंक्तियां मेरे उन्हीं लम्हों में लिखते लिखते यूं ही लिखा गए थे । वो सारे सपने देखने वाली , जिसकी मुझे तलाश है, हां वो तुम थी ।

कीमत चुकानी ही हैं ..कुछ भी मुफ्त नहीं इस जीवन में !!

कभी - कभी किसी - किसी का निर्णय बहुत कुछ सीखा जाता है ,, ऐसा ही हुआ कि कुछ दिन पहले मेरे एक दोस्त जो कि 7 वर्ष से पीएससी की तैयारी कर रहा है उसका  कॉल आया मेरे पास कि वो इस बार पीएससी का मैंस नहीं दिलाएगा !! मै  उस समय बहुत अचंभित हुआ क्योंकि वह इतने सालो से तैयारी कर रहा था ये उसका तीसरा प्रयास था , कुछ रैंक से बच रहा था 🤔। उसका कहना था कि मै अब  व्याख्याता की तैयारी करूंगा , दोनों तरफ नहीं जा सकता मुझे फिलहाल जॉब चाहिए और ये सीधी भर्ती है , गजेटेड पोस्ट है, इसमें पोस्ट भी ज्यादा है इसे मै छोड़ नहीं सकता बाकी पीएससी तो निकाल ही लूंगा । मुझे भी उसका डिसिजन सही लगा क्योंकि बहुत कॉन्फिडेंट लग रहा था , उसका जुनून देखने ही लायक था । कुछ दिन पहले रिजल्ट आया व्याख्याता का और उसका रैंक अच्छा आया हमारे किसी और दोस्त का नहीं हुआ उसमें । वो 2013 से 2019 तक मेहनत तो कर रहा था  पर चूक सा था कुछ ..हो सकता है किस्मत का हाथ हो पर ....पर उसका जुनून बढ़ गया था यकीनन कीमत बहुत बड़ी चुकाई थी । 🌵 * याद रखिए आपको कुछ पाने के लिए उसकी कीमत चुकानी ही होगी**कु...

आशीर्वाद की शक्ति है तो जरूर !!

कुछ वर्ष पहले मै लंदन के फॉइल्स नामक जगह में मुझे एक पुस्तक मिला नाम था ' ब्रिंग आउट दि मैजिक इन योर माइंड' ।  यह करीब तीस साल पहले एक *अल कोरान* नाम के आदमी द्वारा लिखी गई थी जो उन दिनों दुनिया का सबसे अच्छा मानसिक जादूगर था । एक अध्याय जिसका नाम है " सीक्रेट ऑफर ट्रेजर"  वो लिखते है कि -  * जब आप अपना पैसा किसी चीज के लिए से देते हैं तो याद से उसे हमेशा मन में आशीर्वाद दीजिए । उससे कहिए की वह अपने हर  छूने वाले को धन्य करें । उस निर्देश कीजिए कि वह भुखो को खाना दे और कई गुना बढ़ कर आपके पास वापस आए ।* जब आप कुछ खरीदते है तो कामना कीजिए कि यह पैसा उनके जीवन को बेहतर बनाए । जैसा कि कहते है ना * " जो हाथ देता है वहीं हाथ बटोरता है ।"* Chapter 25, pg: 67 Book: Who will cry when you die ? By : Robin sharma *Hav a nice day.. 🐢

दर्पण की ताकत क्या जानते है आप ??

ज्यादातर लोगों के लिए मौत से भी डरावनी चीज होती है भीड़ के सामने बोलने का डर । मनोवैज्ञानिक कहते है की ज्यादातर मंच पर बोलने से इसलिए  डरते हैं की उनकी बुराई होगी,  लोग बाग उनकी हंसी उड़ाएंगे , वे अकेले हो जाएंगे । यहां पर इस अवस्था में *जापानी लोग दर्पण कि ताकत* को सबसे ज्यादा महत्व देते हैं । जापानी दंतकथा के अनुसार यह आत्मज्ञान का प्रतीक है ।  जब कोई दर्पण में खुद को देखता है तभी उसे सच्चाई पता चलता है , की ज्यादातर लोग खुद डरे हुए ही  हैं । ज्यादातर  जो उस समय उपहास करने वाले  लोग खुद  मंच में आने से डरे हुए होते है । * जिंदगी में कई मौके एक बार ही मिलते हैं उसका फायदा उठाना ही अच्छा निवेश है । क्यूंकि हर किसी को ये मौका नहीं मिलता ।*

जो अच्छा लगे वो करो .क्या ये सही है ??

एक मां दिनभर काम करने के बाद घर आती है , फिर घर के कामकाज निपटाती है , बच्चे की देखभाल करती है और थक हार  कर सो जाती है । आधी रात को बच्चा रोने लगता है । ऐसे में थक कर सोई मां को क्या उठना चाहेगी ? नहीं फिर भी वह उठती हैं । क्यों? तीन  वजह हो सकती हैं- - प्यार - फ़र्ज़ - जिम्मेदारी हम जिंदगी सिर्फ भावनाओ के सहारे नहीं गुजार सकते । हमे खुद पर नियंत्रण , अनुशासन की जरूरत हर उम्र में होती हैं । चाहे आप पढ़ रहे हो या शादीशुदा हो । जिंदगी में आज के समय में इतनी आपाधापी ,या खुद के लिए समय नहीं निकाल पाने की शिकायत इसीलिए है क्यूंकि हम अपनी इच्छाओं के सामने खुटना टेक देते हैं । ऐसा नहीं है कि मेरे साथ नहीं होता सबके साथ होता है ।  मै रोज 11 बजे सोने का सोचता हूं 12 एक  बज ही जाता हैं पर सुबह  समय में उठना ही होता है पर क्यूंकि ये जरूरी है । अनुशासन ही आजादी देता हैं , लोगो के मन में यह गलत धारणा है कि आजादी का मतलब मनमुताबिक काम करने से होता है । हमारी  इच्छाएं हमेशा पूरी नहीं हो सकती । जीवन में जितने लोगो को सफलता मिली है चाहे वो...